Sunday, February 14, 2010





तुमे क्या दूं में ,..........................................
जी करता है दे दूं तुमे  अपनी जिंदगी सारी ,
रहूँ हर दुःख दर्द में साथ तेरे, बनू एक परछाई तेरी ,
काँटा चुबे तुजे तो दर्द हो मुझको ,.
ख़ुशी मिले तुजे तो अहसास हो मुझको .
तुमे क्या दूं में ......................
जी करता है दूं हर ख़ुशी तुझको.........
झुके दुनिया सारी तेरे कदमों में ..............
छू न पाए तुझको इस दुनिया के दुःख दर्द ....
गोद  में उठा  लूं तुमे उन कांटो भरी राहों में......
ना हो तेरे चहरे पर कोई भी सिकन............
है चाह यही की जिंदगी भर साथ निभा पाऊं  तेरा ...
बनू एक परछाई तेरी.....
दी है हर ख़ुशी तुमने मुझको जो न थी कभी मिली मुझको,
अब तो मेरी जिंदगी की हर सांस है तेरी...
जी करता है बनू एक अंग तेरा, जो रहे हर समय साथ तेरे...
जी करता है बनू एक आंशू तेरा जो निकले भी तो ख़ुशी दे तुजे..
जी करता है दूं हर पल तुझको मेरी जिंदगी का ,
जिससे फिर से न हो अकेलेपन का अहसास तुझको.
जी  करता है ,रखूँ  तुजको को में अपनी पलकों पर........
जी करता है, सजा दूं तुजको अपने दिल के घर में .
बना लूं में तुझको अपना हमसफ़र, साथ चलें इस दुनिया की रहो पर.
रहूँ में तेरे पीछे और तू रहे सबसे आगे..
अब तो बस एक ही है ख्वाब, साथ निभा सकूं तेरा जिंदगी भर.
बनू तेरी परछाई  , बनू  तेरा हमसफ़र............. 
है एक उम्मीद तू मेरी..............
है एक प्यार तू मेरा..............
में हूँ अब तेरा...................................................
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