Sunday, February 14, 2010

निगाहें अटक सी गयी हैं तेरे चहरे पर ,
निजरें मिल सी  गयी हैं तेरी नज़रों से 
आज फिर तुजे  प्यार करने का मन है ,
आज फिर बीती हुई बात याद करने का मन है.
एक लाली सी छाही है तेरे चहरे पर आज फिर से .
तेरी ये जुल्फें.......
इन जुल्फें में सो जाने का मन है आज फिर से .
तेरा मुस्कराना.........
दिल पर कहर ढाहा रहा  है  आज  फिर से .
तेरा ये फूलों सा नाजुक बदन देख,
फूल भी सरमा रहे  है आज फिर से .
तेरा ये प्यार से देखना,
बेचेन  कर रहा है आज फिर से .
तेरा ये पास आ के  सरमा जाना,
पागल सा बना रहा है आज फिर से.
तेरी ये झील सी आँखें.....
जिनमे समां जाने का मन कर रहा आज फिर से ,
आज फिर बीती हुई बात याद करने मन है,
आज फिर तुजे प्यार करने का मन है .

दिल में एक हलचल सी हुई है  आज फिर से,
देख तुजे  पागल हुए जा रहे हैं  आज फिर से,
प्यार में तेरे होश खोये जा रहे हैं आज फिर से .
याद किये जा रहे हैं  तुमे  आज फिर से ,
प्यार में तेरे होश खोये जा रहे हैं आज फिर से

शब्द ना बचे आज तेरे प्यार के  इजहार  में,
आँखे ही इशारा किये जा रहे  हैं तेरे प्यार का  ,
महसूस कर रहा  दिल आज तेरे प्यार को ,
और संजो रहा है तेरे उस हर अहसाश को ,
शब्द  ना बचे आज तेरे प्यार के इजहार में

बहुत खुश है आज ये दिल तुजे पास पा के ,
भुलाना चाहता है दुनिया आज तेरे प्यार में ,
ना आये याद आज तुमारे सिवाई  कोई ,
तेरी यादों में खो जाना चाहता हूँ आज फिर से.
तुजे प्यार करना चाहता हूँ आज फिर से .
आज फिर बीती हुई बात याद करने का मन है
आज फिर तुजे प्यार करने का मन है

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