Thursday, January 21, 2010

तेरी याद में आज बहुत रोया ,दिल पर पत्थर रखकर में  आज बहुत रोया ,
याद किया वो हर लम्हा जिसके सहारे में बहुत जी सका .
याद कि  वो हसीं  तेरी जिसके सहारे में बहुत हंस सका  ,
तुमे  याद कर - कर के आज में बहुत रोया ,
ना था कोई पोछने  वाला इन आंसू को ,
जो किये जा रहे थे बरसात तेरी उन यादों कि ,
देखते हैं वो तस्वीर तेरी , तोह याद आता है वो हुस्न तेरा,
जिसकी हो गयी थी ये दुनिया दीवानी,
था उस कतार में एक नाम हमारा ,
जो भूल गया आज ज़माना ,
कोई एक और है  दीवाना तुम्हारा ,
सोचा ना था भूल गयी हो तुम भी ,
जिसके लिए आज हम बहुत रोये .
याद आया तेरा वो हमसे रूठ  जाना,
याद आया फिर वो तेरा पास आना ,
                              बैठे हैं इस आस में, आएगा वो मोसम दुबारा,
                              जब खो बैठे थे दिल हम हमारा ,
                             आएगा कोई , जो थी  एक जान हमारी,
                              सोचतें हैं याद आएगी उनको वो यादें पुरानी ,
                             जिन यादों के सहारे में आज बहुत रोया ,
                              तेरी याद में आज बहुत रोया........................... ..........................
                          दिल पर पत्थर रखकर में आज बहुत रोया.........................

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