Friday, January 1, 2010


जब देखा उन्हें सोचा, मिला एक साथी मेरी तन्हाई का ,
खुशी से निकल पड़े आंशू , भर आई आंखें हमारी ,
बस वो समझ न पाए,
            हम देखते रह गए , बस देखते ही रह गए .
            खो गए उन आँखों में कहीं ,बस सोचते रह गए .
देखने लगे सपने , पर भूल गए , रह गयी आँखें खुली हमारी .
बस हम समझ ना पाए , बस समझ ना पाए ,
                   कह ना पाए हाल - ऐ - दिल ,
                  बस कोशिश ही करते रह गए ,
बस कोशिश ......................
हम तो थे उनके प्यार में मदमस्त, लगनी लगी उनकी हर बात अपनी .
बस वो समझ ना पाए ,
           हुए  दूर उनसे सोचा केंसे रहें , बिना दीदार उनके ,
          बस हम सोचते रह गए और वो भूलते चले गए,
जगी थी एक उम्मीद , जो टिक ना पायी इस रुशवाई  में,        
हुआ प्यार कमजोर जब चोट दिल  पर खायी  ,
निकल पड़े आंशू जब उन्हें बेवफा पाया .
      बस हम सोचते रह गए ,
     एक  सपना था जो सपना, सपना ही रह गया,
सोचा क्यों दे दोष उन्हें , जब नाकामी है अपनी ,
क्यों की .........................
हम उन्हें समझा ना पाए ,     और वो समझ ना पाए ,      बस हम  समझा ना पाए.
बस हम सोचते रह गए............................
 बस हम..................Email me at

7 comments:

रावेंद्रकुमार रवि said...

इस अच्छे प्रयास के साथ आपका स्वागत है!

नया वर्ष हो सबको शुभ!

जाओ बीते वर्ष

नए वर्ष की नई सुबह में

महके हृदय तुम्हारा!

शशांक शुक्ला said...

अच्छा लिखा है नये साल की शुभकामनायें

piyush said...

really very good buddy, keep it up.

Kavyadhara said...

प्रिय मित्र ,

परमपिता , परमेश्वर , जगत्स्वामी , जगेश , सर्त्रव्यापी इश्वर आप सभी को सपरिवार सकुशल ,सुरक्षित एवं आयुष्मान रखे . आप सबकी समस्त आशाओं को ,अभिलाषाओं को एवम स्वपनों को साकार करे.

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

कुछ फूल, कुछ सितारे और एक चाँद
थोड़ी सी चाँदनी , नर्म धूप की महक
धनवर्षा, दहलीज़ पे किस्मत की दस्तक
मुंडेर पर चुग्गा चुगती चिड़ियों की चहक
घर में चहकते बच्चे , बतियाते माँ बाप
चिरागों के बजाये जलते हुए आफ़ताब
हर चीज़ में बरक्कत , हर शै में इजाफा
हर मुश्किल तलाशती खुद अपना ही जवाब
नई सुबह जब आसमान से एक नया सूरज
धकेल पाँव से निकले जब अँधेरे की चादर
नए साल की पहली सुनहरी किरन "दीपक"
मुबारक़ बन के आगोश में ले ले तुम्हें आकर

नया साल मुबारक़
नया साल मुबारक़
नया साल मुबारक़
aap sab ko navvarsh 2010 ki haardik mangalmay shubhkaamnaaye.

ALL RIGHT RESERVED @DEEPAK SHARMA
http://www.kavideepaksharma.com
http://kavidepaksharma.blogspot.com

रवीन्द्र प्रभात said...

बढ़िया शुरूआत है.....बधाई स्वीकार करें।

संगीता पुरी said...

इस नए वर्ष में नए ब्‍लॉग के साथ आपका हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. आशा है आप यहां नियमित लिखते हुए इस दुनिया में अपनी पहचान बनाने में कामयाब होंगे .. आपके और आपके परिवार के लिए नया वर्ष मंगलमय हो !!

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिये स्वागत और बधाई । अन्य ब्लागों को भी पढ़ें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देने का कष्ट करें

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